*बीएलओ की संदिग्ध मौतें: मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान*
- Jan 15
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देश के विभिन्न राज्यों में बीएलओ (Booth Level Officer) कर्मियों की लगातार हो रही आकस्मिक और संदिग्ध मौतों के मामले पर अब मानवाधिकार आयोग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत मानवाधिकार सलाहकार, सह-संयोजक मानवाधिकार परामर्शदात्री समिति एवं उत्तर प्रदेश मानव लोक कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री कुंदन त्रिपाठी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत को आयोग ने स्वीकार करते हुए डायरी संख्या 27207/IN/2025 जारी की है।
हाल के दिनों में मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों से बीएलओ कर्मियों की अचानक मौत, हार्ट अटैक और संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु की खबरें सामने आई थीं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक केवल 19 दिनों में 16 से अधिक बीएलओ कर्मियों की मौत हुई है, जिससे उनके कार्यदबाव और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
शिकायतकर्ता ने आयोग को भेजे पत्र में बताया कि बीएलओ कर्मियों पर अत्यधिक कार्यभार, लगातार ऑनलाइन अपडेटिंग, समय-सीमा का दबाव और मानसिक तनाव के कारण उनकी मौतें हो रही हैं, जो न केवल अमानवीय है बल्कि उनके मूल अधिकारों का भी हनन है। उन्होंने आयोग से इन सभी मामलों की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराने, मृतक कर्मियों के परिवारों को राहत राशि देने और बीएलओ की कार्य-प्रणाली में सुधार लाने की मांग की है।
मानवाधिकार आयोग द्वारा शिकायत को डायरी नंबर आवंटित किए जाने के बाद अब इस मामले की औपचारिक जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। सामाजिक संगठनों और कर्मचारी वर्ग ने इस कदम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से कार्य होगा।


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